छायावाद युग की विशेषताएँ – एक अध्ययनात्मक विश्लेषण
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https://doi.org/10.36676/jrps.v15.i4.267Keywords:
छायावाद युगAbstract
छायावाद हिंदी साहित्य का एक क्रांतिकारी युग था जिसने कविता को नए भावबोध, नवीन शिल्प और आत्मान्वेषण की दिशा प्रदान की। इस युग में कवियों ने आत्मा, प्रकृति, सौंदर्य, प्रेम और रहस्य को केंद्र में रखकर काव्य-सृजन किया। यह शोध-पत्र छायावादी युग की प्रमुख विशेषताओं, इसके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, प्रमुख कवियों और साहित्यिक योगदानों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। छायावाद हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण युग है, जो लगभग 1900 से 1920 तक फैला। यह युग रोमांटिसिज्म और भावुकता से ओतप्रोत था, जिसमें कवियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों, मनोभावों और प्रकृति के माध्यम से मानव मन की गहराइयों को उजागर किया।
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References
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